कृषि को जोंक की तरह चूस रहा है भ्रष्ट सरकारी तंत्र -हरपाल सिंह चीमा

Sorry, this news is not available in your requested language. Please see here.

जिप्सम घोटाले की हो न्यायिक जांच -संधवां
मुख्यमंत्री अपना कृषि विभाग किसी जिम्मेदार मंत्री को सौंपें  -आप

चंडीगड़, 27 जुलाई 2020
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने बहु-करोड़पति जिप्सम घोटाले की माननीय हाईकोर्ट की निगरानी में समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग की है।
पार्टी हैडक्वाटर से जारी बयान के द्वारा नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा और किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की खेती विरोधी और किसान विरोधी नीतियों और भ्रष्ट सरकारी तंत्र ने पंजाब की कृषि को जोंक की तरह चूस लिया है। बची-खुची खेती र्अथव्यवस्था को इस तरह के एक के बाद एक घोटाले ओर कमजोर कर रहे हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली बादल सरकार (10 साल) में तत्कालीन कृषि मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह और तोता सिंह के समय दौरान क्रमवार बीज सब्सिडी और चिट्टी मक्खी (नकली पैस्टीसाईड) घोटाले के आरोपी पकडऩे की बजाए मौजूदा कैप्टन सरकार खुद घोटाले करने में व्यस्त हो गई।
चीमा ने कहा कि पहले बहु-करोड़पति फर्जी बीज घोटाले और अब जिप्सम घोटाले ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह बतौर कृषि मंत्री भी बुरी तरह फेल मंत्री हैं, इस लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह को बिना देरी कृषि मंत्रालय अपने किसी ओर जिम्मेदार मंत्री को सौंप देना चाहिए।
विधायक कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि धान का सीजन बीत जाने के उपरांत राजस्थान में से करोड़ों रुपए का जो जिप्सम (खनिज पदार्थ) मंगवाया है। उसके 60 प्रतिशत नमूने फेल होने और तय की कीमतों की पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच करवाई जाए।
कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को घटिया किस्म का जिप्सम उपलब्ध करवा कर जहां किसानों के साथ धोखा कर रही है, वहीं इस घटिया किस्म के जिप्सम को 225 रुपए खरीद कर 440 रुपए में बेच कर शरेआम लूट रही है। संधवां ने कृषि के यंत्रों पर मिलती सब्सिडी में भी बड़े स्तर पर मिलीभुगत के साथ किसानों को ठग्गा जाता है।

Spread the love