नई दिल्ली/चंडीगढ़, 26 जुलाई 2021
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने किसान आंदोलन के समर्थन में लगातार पांचवी बार ‘काम रोको प्रस्ताव’ संसद में पेश करके किसानी विरोधी तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों का संबंध देश के किसानों और मजदूरों के साथ है। इस लिए संसद के मानसून सत्र के दौरान ओर विचारे जाने वालों मुद्दों से अलग तौर पर इन कृषि कानूनों को रद्द करने के बारे में पहल के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
भगवंत मान ने कहा कि देश के किसानों द्वारा जंतर-मंतर के मैदान में चलाई जा रही ‘किसान संसद’ देशवासियों में जागरूकता पैदा कर रही है। आज ‘किसान संसद’ में देश की औरतें सदन की कार्यवाही चला कर कृषि कानूनों का विरोध करेंगी, वहीं देश की संसद में वह ( भगवंत मान) काले कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद करके अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। मान ने कहा, ‘ संगरूर लोक सभा हलके से लोगों ने मुझे इसी लिए चुन कर संसद में भेजा है, तांकि मैं उनके समेत पूरे पंजाब के मुद्दों को संसद में उठा सकूं तांकि उनकी समस्याएं सरकार के कानों तक पहुंच सके।
‘आप’ संसद ने कहा कि मौसम जैसा मर्जी रहा हो, परन्तु देश के किसान पिछले आठ महीनों से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं और इस आंदोलन के दौरान सैंकड़ों किसान शहीद हो गए हैं, परन्तु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपनी जि़द्द पर अड़ी हुई है और किसान आंदोलन को अनदेखा कर रखा है। मान ने कहा किसान देश का अन्नदाता है, इस लिए संसद में केवल काले कृषि कानून रद्द करने के बारे में चर्चा होनी चाहिए और किसानों की मांगों को स्वीकार किया जाना चाहिए।