पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर स जय कृष्ण सिंह रोड़ी द्वारा बतौर चेयरमैन अनुमान कमेटी, अनुदान मांगों की स्वीकृति के लिए सिफारिश की गई।
उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों पर होने वाले खर्च का बजट पारित किया जाता है, लेकिन वास्तविक कार्य के दौरान कई बार ये खर्च बजट में स्वीकृत अनुमानों से अधिक हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि लोक सेवा के नए कार्यक्रमों, अदालती फैसलों और सरकार द्वारा लागू की गई नई नीतियों के चलते हुए खर्चों के संबंध में ये अनुदान मांगें आज विधानसभा की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत की गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि कमेटी ने इन अनुदान मांगों को स्वीकृत करने की सिफारिश की है, जिसकी रिपोर्ट सदन में पेश की गई है।
डिप्टी स्पीकर रोड़ी ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा बजट से अधिक खर्च करने से यह स्पष्ट होता है कि सरकार लोक सेवा कार्यों में निरंतर लगी हुई है।
सत्र के दौरान उन्होंने कुछ प्रमुख महत्वपूर्ण मांगों के बारे में बताया, जिनके लिए ये अनुदान मांगे प्रस्तुत की गई हैं। इनमें शामिल हैं—फसलों के अवशेष प्रबंधन के तहत किसानों को मशीनों पर सब्सिडी देना, गन्ना किसानों को सब्सिडी प्रदान करना, 21 जिलों में 127 ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और आधुनिकीकरण, गोदामों का नवीनीकरण, वेरका डेयरियों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, शुगर कॉम्प्लेक्स स्थापित करना, ई.एस.आई. अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के लिए दवाइयों की खरीद, राज्य के लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग को सशक्त और हाई-टेक बनाना, नहरों का नवीनीकरण और मरम्मत, स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन के लिए सहायता तथा लुधियाना में डाइंग उद्योग के गंदे पानी का शोधन आदि शामिल हैं।