इस्पात उद्योग को आत्मनिर्भर बनने में मदद के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं

दिल्ली ,11 DEC 2023 

इस्पात क्षेत्र देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह निर्माण, बुनियादी ढांचे, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इस्पात एक अनियंत्रित क्षेत्र है और इस्पात उत्पादन, घरेलू खपत और निर्यात से संबंधित निर्णय व्यक्तिगत इस्पात उत्पादकों द्वारा बाजार की मांग और अन्य व्यावसायिक आधारों पर लिए जाते हैं। हालाँकि, सरकार ने इस्पात उद्योग को आत्मनिर्भर बनने में मदद के लिए पिछले तीन (3) वर्षों में निम्नलिखित कदम उठाए हैं: –

  • गैर-मानकीकृत इस्पात के विनिर्माण और आयात को रोकने और बड़े पैमाने पर जनता को गुणवत्तापूर्ण इस्पात उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए इस्पात गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों की अधिसूचना।
  • देश के भीतर ‘स्पेशलिटी स्टील’ के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए विशेष इस्पात के उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना।
  • भारत के इस्पात क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए कुछ इस्पात उत्पादों पर एंटी-डंपिंग शुल्क (एडीडी) और काउंटरवेलिंग ड्यूटी (सीवीडी) जैसे व्यापार उपचारात्मक उपायों के अंशांकन के साथ-साथ इस्पात उत्पादों और कच्चे माल पर बुनियादी सीमा शुल्क में समायोजन।
  • बुनियादी ढांचे, आवास और विनिर्माण क्षेत्रों में इस्पात के उपयोग को बढ़ाने और देश में इस्पात की समग्र मांग को बढ़ावा देने के लिए रेलवे, रक्षा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, आवास, नागरिक उड्डयन, सड़क परिवहन और राजमार्ग, कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्रों जैसे संभावित उपयोगकर्ताओं के साथ जुड़ाव।
  • केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा उनके मुद्दों को हल करने के लिए उद्योग संघों और घरेलू इस्पात उद्योग के नेताओं सहित विभिन्न हितधारकों के साथ जुड़ाव।

इसके अलावा, देश को इस्पात उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए निम्नलिखित कदम भी उठाए गए:

  1. इस्पात उत्पादकों को नीतिगत सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय इस्पात नीति-2017।
  2. सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की परियोजनाओं द्वारा भारत में निर्मित स्टील की खरीद को बढ़ावा देने के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित लौह और इस्पात उत्पाद (डीएमआई एंड एसपी) नीति।
  3. घरेलू स्तर पर उत्पादित स्क्रैप की उपलब्धता बढ़ाने के लिए स्टील स्क्रैप रीसाइक्लिंग नीति की अधिसूचना।

यह जानकारी इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।