राज्यपाल  पंजाब द्वारा दिल्ली सरकार के साथ किए गए  असंवैधानिक समझौते  को रदद करें: शिरोमणी अकाली दल

SAD urges Governor to annul unconstitutional agreement arrived at with Delhi govt by Punjab
SAD urges Governor to annul unconstitutional agreement arrived at with Delhi govt by Punjab
पटियाला झड़प के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई जांच की मांग की
राज्यपाल  को विज्ञापनों पर फिजूलखर्ची बंद करने  के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को निर्देश दें और घोटाले में हुई रिश्वतखोरी की जांच का आदेश देने की अपील की

चंडीगढ़ 05 मई 2022

शिरोमणी अकाली दल ने पंजाब के गर्वनर बी.एल पुरोहित से पंजाब सरकार दिल्ली सरकार के साथ हुए अंसवैधानिक समझौते रदद करने का निर्देश देने की अपील की है, जिसके तहत इसने अपनी सारी शक्तियां दिल्ली सरकार को सौंप दी हैं तथा पटियाला  झड़प की सीबीआई जांच की मांग की, ताकि  पंजाब में शांति और साम्प्रदायिक सदभाव को खराब करने की साजिश को बेनकाब किया जा सके।

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पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में शिरोमणी अकाली दल का वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से राजभवन में मुलाकात की तथा उन्हे राज्य का नियंत्रण पर हस्ताक्षर करके गोपनीयता की शपथ का उल्लंघन करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी मंत्रिपरिषद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को यह भी अवगत कराया कि पंजाब और दिल्ली सरकार के बीच हस्ताक्षरित समझौता संघवाद की भावना के खिलाफ है।

यह कहते हुए कि देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि एक निर्वाचित राज्य ने अपना प्रशासन दूसरे राज्य को सौंप दिया है। अकाली दल प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से पंजाब सरकार को दिल्ली सरकार को अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति न देने का निर्देश देने का आग्रह किया है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि  कोई भी आधिकारिक फाइल देखने के लिए दिल्ली सरकार के पास नही भेजा जाना चाहिए, यह कहते हुए कि पंजाबी दिल्ली सरकार द्वारा इस तरह की अधीनता कभी बर्दाश्त नही करेंगें।

अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने पटियाला में हाल ही में हुई झड़प् के बारे राज्यपाल को अवगत कराया तथा बताया कि कैसे मुख्यमंत्री ने चार दिन पहले ही अग्रिम नोटिस दिए जाने के बावजूद इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। यह कहते हुए कि इस तरह की कार्रवाईयों से आप पार्टी की सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने की एक गहरी साजिश प्रतीत होती है। सरदार बादल ने कहा कि यह और भी अधिक निराशाजनक है कि मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, आप पार्टी की सरकार ने इसे दो राजनीतिक दलों के बीच लड़ाई में बदलने की कोशिश की।

इस प्रतिनिधिमंडल में बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, सिकंदर सिंह मलूका तथा डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में भी कोई साम्प्रदायिक झड़प नही हुई थी और यह बेहद निंदनीय है कि पटियाला में इस तरह की झड़प हुई है। उन्होने कहा कि खुफिया रिपोर्टों को नजरअंदाज कर दिया गया और सिख संगठनों द्वारा की गई शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नही की गई , ऐसा प्रतीत होता है कि साम्प्रदायिक भावनाओं को भड़काने का जानबूझकर प्रयास किया जा रहा हैै।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अब भी शरारती तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज करने का कोई प्रयास  नही किया जा रहा है, और बेगुनाहों को परेशान किया जा रहा है। उन्होने कहा कि सीबीआई जांच यां उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश द्वारा की गई जांच ही साजिश को  बेनकाब कर सकती है और मामले में न्याय सुनिश्चित हो सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से आप पार्टी की सरकार उपलब्धियों की घोषणा करने वाले करोड़ों रूपये के विज्ञापनों के रूप में फिजूलखर्ची को बंद करने का निर्देश देने के लिए , जो राज्यों में दूर-दराज राज्यों में भी नही हुआ है, तथा जबकि पंजाब पर 3 लाख करोड़ रूपये के गंभीर कर्ज चढ़ा हुआ है। इसमें कहा गया है कि बेवजह विज्ञापनो ंपर करोड़ों रूपये खर्च किए जा रहे हैं और आज आप पार्टी की सरकार ने विभिन्न राज्यों के लोगों से पंजाब बजट कांटेट पर अपने सुझाव देने के लिए कहा है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से विज्ञापनों के रूप में हुए करोड़ों रूपये के घोटाले में हुई रिश्वतखोी की जांच का आदेश देने का आग्रह किया है।