एमसीएम ने पेपर रीसाइक्लिंग पर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया

चंडीगढ़ २४ जुलाई २०२ १
 मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर विमेन में पर्यावरण विज्ञान विभाग ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में वार्षिक वन महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘पेपर रीसाइक्लिंग, पेपर पेंसिल मेकिंग एंड सीड बॉल्स मेकिंग’ पर एक ऑनलाइन व्यावहारिक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य रीसाइक्लिंग के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और हरे -भरे स्वस्थ वातावरण के लिए वृक्षारोपण के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करते हुए कागज के पुन: उपयोग में वृद्धि को बढ़ावा देना था। कार्यशाला का संचालन पर्यावरण विज्ञान विभाग से डॉ. शफीला ने किया। डॉ. शफीला ने बेकार कागजों से हस्तनिर्मित कागज बनाने की चरण-वार प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, जिसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों जैसे पेंटिंग के लिए कैनवास, बुकमार्क बनाने, सजावटी लिफाफे आदि के लिए किया जा सकता है। उन्होंने घर पर सामान्य रूप से उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके पेपर पेंसिल बनाने के चरणों के बारे में भी बताया। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को सीड बॉल बनाने की अवधारणा से परिचित कराया गया। पूरी कार्यशाला के दौरान, डॉ. शफीला ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘3 आर’ यानी रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक कागज के पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को सीखा और पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे उपायों को अपनाने का संकल्प लिया।
प्राचार्या डॉ. निशा भार्गव ने पर्यावरण विज्ञान विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए पर्यावरण के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कागज के पुनर्चक्रण से पेड़ों की बचत होती है, वायु प्रदूषण कम होता है और पानी की बचत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि सतत अभ्यास के माध्यम से व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए इस तरह की जागरूकता बढ़ाने वाली कार्यशालाएँ अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।