चंडीगढ़ 6 मार्च 2022
मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर विमेन, चंडीगढ़ के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल और स्टार्ट-अप सेल ने ‘रोल ऑफ एनआईएसपी इन कलटीवेटिंग स्टार्ट-अप कल्चर’ विषय पर एक ऑनलाइन जागरूकता सत्र का आयोजन किया।
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इस कार्यक्रम के लिए प्रमुख वक्ता कॉलेज के वाणिज्य विभाग से सहायक प्रोफेसर, डॉ. किरण जिंदल थीं। सत्र में कुल 73 छात्रों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया, प्रमुख वक्ता ने प्रतिभागियों को उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) में स्टार्ट-अप संस्कृति में राष्ट्रीय नवाचार और स्टार्टअप नीति (एनआईएसपी) की भूमिका से परिचित कराया । सत्र के दौरान रिसोर्स पर्सन ने एनआईएसपी की विभिन्न विशेषताओं और एनआईएसपी के संबंध में एचईआई की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ० जिंदल ने छात्रों के साथ-साथ नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में काम करने के इच्छुक संकाय सदस्यों को प्राप्त होने वाले आकर्षक प्रोत्साहनों के बारे में बताया। उन्होंने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के संबंध में कॉलेज की पहल पर भी चर्चा की। अंत में, डॉ. जिंदल ने कॉलेज के स्टार्ट-अप सेल को अपने स्वयं के उपक्रमों के लिए उद्योग विशेषज्ञों द्वारा सीड मनी और परामर्श प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों को भी साझा किया।
प्राचार्या डॉ. निशा भार्गव ने छात्रों के बीच नवाचार और उद्यमिता की योग्यता विकसित करने के लिए एमसीएम आईआईसी और स्टार्ट-अप सेल के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नवाचार और स्टार्ट-अप की संस्कृति को बढ़ावा देना ‘आत्मनिर्भर भारत’ की कुंजी है।