दिल्ली, 14 JAN 2024
केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी(स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में रामनगर के सुदूरवर्ती पहाड़ी इलाकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समर्थित अत्याधुनिकटेलीमेडिसिन मोबाइल क्लिनिक “आरोग्य-डॉक्टर्स ऑन व्हील्स” की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि नवीनतम उन्नत टेली क्लिनिक क्षेत्र के उन दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित है, जहां ऐसी सुविधाएं या तो उपलब्ध नहीं हैं या अपर्याप्त रूप से उपलब्ध हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि “आरोग्य”एक ऐसी आधुनिक पद्धति पर काम करता है जिसमें एक मरीज अपनी बीमारी या समस्या अपनी मूल भाषा में बता सकता है और एआई डॉक्टर उस भाषा को समझकर मरीज को उसी भाषा में जवाब देता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, इसके बाद मरीज संपर्क देश के प्रमुख सुपर स्पेशलिस्टों में से एक से कराया जाता है क्योंकि इस टेलीमेडिसिन अस्पताल को देश के कुछ प्रमुख अस्पतालों के साथ जोड़ा गया है। बाद में, मरीज की पूरी बॉडी प्रोफाइल और जांच की जाती है। लगभग 40 से 50 मिनट के भीतर मरीज को दवा का पर्चा उपलब्ध करा दिया जाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि मरीज को निशुल्क इलाज किया जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए देश के दूरदराज के इलाकों में भी बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दृढ़ संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पहल भी उसी दृष्टिकोण से प्रेरित है।
zडॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस प्रगतिशील पहल का प्राथमिक चरण डोडा जिले के दूर-दराज के गंदोह क्षेत्र में आयोजित किया गया था, जहां इसने अपने तीन महीने पूरे किये हैं। वहीं, इसका दूसरा चरण अंतरराष्ट्रीय सीमा के जीरो लाइन गांवों में संचालित किया गया था और तीसरे चरण का आयोजन बिलावर के ऊंचाई वाले हिस्सों में किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का चौथा चरण अगले कुछ महीनों में उधमपुर के रामनगर ब्लॉक के ऊपरी इलाके डुडु बसंतगढ़ में आयोजित किया जाएगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्थानीय लोगों से इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस नवीनतम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के माध्यम से चिकित्सक अब उनके दरवाजे पर ही पहुंच रहे हैं।